TIN Number Kya Hai in Hindi यह कैसे काम करता है,इसके क्‍या फायदे हैं ?

TIN Number Kya Hai in Hindi यह कैसे काम करता है,इसके क्‍या फायदे हैं ?

TIN Number Kya Hai in Hindi अक्‍सर कई बार कई लोगों को टिन नंबर और पिन नंबर में फर्क करने में कठिनाई होटी है। वो एटीएम पिन नंबर को ही अगर टिन नंबर समझ लेते हैं। जबकि TIN (Tax Information Network) नंबर एक यूनिक रजिस्‍ट्रेशन नंबर होता है इसका उपयोग पूरे देश में टैक्‍स से सबंधित जानकारी प्राप्‍त करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा इसका उपयोग वैट कानून के तहत किसी डीलर की पहचान के लिए भी किया जाता है। टिन नंबर हमेशा 11 अंको का होता है। यहां पर आपको टिन से जुड़ी हुई कई जरुरी बातें बताएंगे जो कि आपके काम आ सके।

TIN Number Kya Hai in Hindi

TIN Number Kya Hai in Hindi राज्‍य सरकार द्वारा वस्‍तुओं के क्रय-विक्रय पर VAT या सेल्‍स टैक्‍स लगाया जाता है। जिसके लिए टिन नंबर की आवश्‍यकता होती है। TIN का फुलफॉर्म (Tax Information Network) होता है। पुरे भारत देश के ज्‍यादातर राज्‍यों में 5 से 10 लाख तक की सालाना इनकम करने वाले व्‍यापारियों पर VAT नहीं लगाया जाता है। लेकिन अक्सर TIN तभी जरूरी होता है, जब सेल की छूट {DEDUCTION} सीमा {LIMIT} ज्‍यादा हो। इसके अलावा यह उस राज्‍य पर भी निर्भर करता है कि वहां पर अधिकतम कितनी सालाना आय के बाद VAT लगाया जाता है। कभी-कभी बिजनेस के दौरान माल खरीदने पर आपको विक्रेता को भी TIN नंबर देना होता है।

TIN Number कब लेना पड़ता है

राज्‍य सरकार{state gov.} के द्वारा वस्‍तुओं के क्रय-विक्रय पर वैट या सेल्‍स टैक्‍स लगाया जाता है। जिसके लिए टिन नंबर की जरुरत होती है। ज्‍यादातर राज्‍यों में 5 से 10 लाख तक की सालाना इनकम करने वाले व्‍यापारियों पर वैट नहीं लगाया जाता है लेकिन आम तौर पर टिन नंबर तभी जरुरी होता है जब बिक्री की छूट {deduction} सीमा अगर ज्‍यादा हो। साथ ही यह उस राज्यों पर भी निर्भर करता है कि वहां पर अधिकतम कितनी वार्षिक या सालाना आय के बाद वैट लगाया जाता है। कभी-कभी व्‍यापार के दौरान माल खरीदने {purchase} पर आपको विक्रेता को भी टिन नंबर देना होता है

TIN Number के लिए जरुरी दस्तावेज कोनसे है

TIN Number प्राप्‍त करने के लिए कुछ बहुत जरुरी दस्‍तावेजों का आपके पास होना महत्वपूर्ण होता है। जब ये दस्‍तावेज आपके पास जमा हो जाते हैं तो उसके बाद ही आप टिन नंबर के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आप ऑनलाइन भी अप्‍लाई किया जा सकता है। यहां पर हम आपको बतायेंगे कि कौन से डॉक्‍यूमेंट्स टिन प्राप्‍त करने के लिए जरुरी हैं:

  • निवास प्रमाण पत्र
  • पहचान पत्र
  • बिजनेस आईडी प्रूफ
  • पैन कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • रिफ्रेंस ऑफ सेक्‍योरिटी\

TIN Number के लिए यहाँ अप्‍लाई करें

TIN Number के लिए आज कल ज्‍यादातर ऑनलाइन आवेदन ही किया जाता है लेकिन आप इसके लिए राज्‍य सरकार के कमर्शियल टैक्‍स विभाग या फिर सेल्‍स टैक्‍स विभाग की वेबसाइट पर जाकर भी अपने व्‍यापार से संबंधित जानकारी भर कर TIN Number के लिए अप्‍लाई कर सकते हैं।

TIN Number के लिए फ्री में रजिस्‍ट्रेशन होगा

आमतोर पर टिन नंबर के रजिस्‍ट्रेशन के लिए कोई चार्जेज या खर्चा नहीं लगता हैं यह प्रक्रिया बिलकुल फ्री में ही होती है। लेकिन कुछ राज्‍यों में जैसे कि महाराष्‍ट्र सेल्‍स टैक्‍स रजिस्‍ट्रेशन के समय में सरकार को सेक्‍योरिटी के तोर पर कुछ सेक्‍योरिटी डिपॉजिट भी देने का नियम है।

GST लागू होने के बाद TIN Number का क्या हुआ

GST लागू हो जाने के बाद से ही वैट, सर्विस टैक्‍स जैसे अप्रत्‍यक्ष{INDIRECT} कर में केवल जीएसटी ही लगेगा। इसलिए GST लागू हो जाने के बाद से टिन नंबर के जगह केवल जीएसटी नंबर या रजिस्‍ट्रेशन की ही जरुरत पड़ेगी। साथ ही वर्तमान के TIN Number लोगों के जीएसटी में ट्रांसफर करके जीएसटी नंबर जारी कर दिए जाएंगे।

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आपने इस पोस्ट से क्या सिखा :- आपने इस पोस्ट में सिखा की TIN Number Kya Hai in Hindi यह कैसे काम करता है,इसके क्‍या फायदे हैं और टिननम्बर कब लेना पड़ता हैTIN Number के लिए यहाँ अप्‍लाई करें

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