Mutual Fund क्या है,Mutual Fund में कैसे ,कब और क्यों निवेश करें?
Mutual Fund क्या है

Mutual Fund क्या है,Mutual Fund में कैसे ,कब और क्यों निवेश करें?

Mutual Fund क्या है म्युचुअल फंड का मतलब (Meaning of Mutual Fund)?एक म्यूचुअल, फंड एक प्रकार का समूह इन्वेस्ट होता है जिसमें कई लोगों (व्यक्ति,संस्था) द्वारा संयुक्त रूप से stock, बॉन्ड, शोर्ट टर्म इन्वेस्ट या अन्य प्रतिभूतियों में इन्वेस्ट किया जाता है. … यह मैनेजर, इन्वेस्टर्स से उनके निवेश का ध्यान रखने के लिए फीस वसूलता है

Mutual Fund SEBI के अंतर्गत पंजीकृत हैं [Mutual Fund क्या है] जो कि भारत में बाजार को नियंत्रित करता है. इन्वेस्टर्स के पैसो को बाजार में सुरक्षित रखने का काम SEBI के द्वारा किया जाता है. SEBI द्वारा सुनिश्चित किया जाता है की कहीं कोई कंपनी लोगों के साथ धोखा तो नहीं कर रही

Mutual Fund में निवेश कैसे करें

आपको सबसे पहले KYC करानी जरुरी होती है, [Mutual Fund क्या है]ये आपके पहचान के लिए जरुरी होती है। इस प्रोसेस में पहचान और पते के दस्तावेज़, जैसे आधार और पैन कार्ड जमा करना शामिल है। पैसाबाज़ार में KYC प्रोसेस ऑनलाइन की जाती है। आपका KYC पूरा होने पर आपको Mutual Fund चुनने और भुगतान के लिए आवेदन करना होगा। पैसाबाज़ार में आसान कागजी कार्यवाही और कम से कम परेशानी से यह प्रोसेस ऑनलाइन भी कर सकते हैं।

ऑनलाइन इन्वेस्ट के लिए, बस ऊपर दिए गए रजिस्ट्रेशन बॉक्स को भरें और ऑनलाइन इन्वेस्ट के लिए बताए गए चरणों का पालन करें

Mutual Fund में क्यों निवेश करें?

पारदर्शिता[Transparency]: Mutual Fund SEBI द्वारा रेगुलेट किए जाते हैं और [Mutual Fund क्या है] उनके NAV (नेट एसेट वैल्यू) या कीमत का घोषणा प्रतिदिन के आधार पर की जाती है। उनके पोर्टफोलियो की घोषणा भी हर महीने की जाती है और इनके बारे में विभिन्न जानकारी भी जनता को दी जाती है

कम फीस: Mutual Fund एक्सपेंस रेश्यो वैसे तो आपके इन्वेस्ट के 1.5-2.5% तक होता है। एक्सपेंस रेश्यो वो फीस होती है जिसे आप AMC को अपना फण्ड मैनेज करने के लिए देते हैं। यह इसलिए कम है क्योंकि एक म्यूचुअल फण्ड में कई लोग निवेश करते हैं और सब के बीच ये फीस बात जाती है।

multiple choices [कई विकल्प]: Mutual Fund आपको कम इन्वेस्ट में कई स्टाक और बांड लेने की सुविधा देता है। आप जिस म्यूचुअल फण्ड में इन्वेस्ट करते हैं उस फण्ड में से किसी एक जगह पैसा नहीं लगाया जाता है। बल्कि अलग-अलग जगह इन्वेस्ट किया जाता है ताकि किसी एक क्षेत्र में मंदी आने से भी अन्य क्षेत्र से लाभ कम लिया जाए।

manage करने में आसान: आप किसी भी दिन कितने भी Mutual Fund खरीद और बेच सकते हैं। जबकि यह बैंक FD, PPF या बीमा को आप सरकारी छुट्टी या रविवार को नहीं खरीद बेच सकते हैं।

Mutual Fund योग्यता

Mutual Fund में कोई भी इन्वेस्ट कर सकता है। [Mutual Fund क्या है] न्यूनतम 500 रुपए तक का इन्वेस्ट कर सकते हैं। भारतीय निवासी और NRI दोनों Mutual Fund में इन्वेस्ट कर सकते हैं। आप अपने जीवनसाथी या बच्चों के नाम पर भी निवेश कर सकते हैं। यदि आपका बच्चा नाबालिग है ( 18 वर्ष से कम), तो उसके नाम पर इन्वेस्ट करते समय आपको अपनी जानकारी देनी होगी। जब तक वह 18 वर्ष का नहीं हो जाता/ जाती है, तब तक आप खाते को मैनेज करेंगें। यहाँ तक कि पार्टनरशिप कम्पनियाँ, LLP, ट्रस्ट और कंपनियां भी म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं

Mutual Fund का चुनाव कैसे करें ?

आपको पहले ये चुनना होगा की आप किस प्रकार के फण्ड में इन्वेस्ट करना चाहते हैं। व्यापक रूप से, इक्विटी फंड तभी चुने जाने चाहिए जब आप ज़्यादा जोखिम उठाने को तैयार हों और इसकी समय सीमा 5 साल से अधिक हो। अगर आप मध्यम जोखिम उठा सकते हैं, तो आप हाइब्रिड फंड में निवेश कर सकते हैं। यदि आप कम जोखिम लेना चाहते हैं, तो आपको डेट फंड में निवेश करना चाहिए। ध्यान दें, सभी Mutual Fund यहां तक ​​कि डेट फंड में भी कुछ जोखिम होता है।

आप किस प्रकार के फण्ड में इन्वेस्ट करना चाहते हैं, इसके बाद आप एक फण्ड उसमें से चुन सकते हैं। ये फण्ड चुनने के लिए एक समयसीमा में उसका प्रदर्शन देख, उसकी तुलना कर फंड चुन सकते हैं। कुछ अन्य कारक, जिन पर आप भी विचार कर सकते हैं:

फंड मैनेज का अनुभव – फंड मैनेज करने वाली कंपनी कब से फण्ड मैनेज कर रही है और उसका ट्रैक रिकॉर्ड क्या है।

Portfolio – क्या वह Mutual Fund है, ज़्यादा जोखिम के साथ छोटी कंपनियों में इन्वेस्ट कर ज़्यादा लाभ कमा रहा है? आपको ये भी देखना चाहिए कि वो म्यूचुअल फण्ड किसी एक क्षेत्र में अपना पैसा लगा रहा है या अलग-अलग में? ये भी देखें कि कितना पैसा इक्विटी में लगाया गया है और कितना डेट में?

Expansion ratio – ज़्यादा एक्सपेंस रेश्यो से आप जितना लाभ कमाते हैं उसका एक बड़ा हिस्सा उसके लिए दे देते हैं और इस तरह आपका लाभ घट जाता है।

अगर आप जानना चाहते हैं कि हमारी रिसर्च के मुताबिक, कौन सा फण्ड बेहतर है? तो ऊपर दिए गए फॉर्म को भर पैसाबाज़ार.कॉम में लॉग-इन करें और जानकारी पाएं|

Mutual Fund के फायदे क्या है ?

वैसे तो Mutual Funds के कई फायदे हैं [Mutual Fund क्या है]लेकिन जो important फायदे हैं उसके बारे में में आज में आप लोगों को पूरी जानकारी देने ही कोशिस करूँगा.

  1. Professional Management
    आपके द्वारा म्यूच्यूअल फंड्स में लगाया गया पैसा म्यूच्यूअल फंड्स विशेषज्ञों द्वारा उनके अनुभव और उनके हुनर के साथ manage किया जाता है.

ये पैसा लगाने से पहले जिस फण्ड में पैसा लगाते है उसकी पूरी तरह से रिसर्च करके जानकारी जूटा लेते है अगर उसके बाद इनके द्वारा जुटाई गयी जानकारी के अनुसार आपके पैसे में वृद्धि होती है तो ही ये इन्वेस्ट करते है.

  1. Diversification (विविधता)
    सुरक्षित इन्वेस्ट का मूल मंत्र है की अपने पैसे को एक जगह न लगा कर बहुत सारी जगहों पर बाँट दो और कई सारी जगहों पर इन्वेस्ट करो. हर mutual फण्ड पैसे को अलग अलग जगहों पर निवेश करता है.

अच्छे फण्ड में न केवल दूसरी कंपनी बल्कि दुसरे सेक्टर या शायद अलग size की कंपनी में भी इन्वेस्ट किया जा सकता है. जिससे इन्वेस्टर्स को अधिकतम सुरक्षा मिलती है.

  1. Variety (विकल्प)
    Mutual Funds में आज हर तरह के व्यक्ति के लिए कुछ न कुछ है. ज्यादा रिटर्न्स की चाहा रखने वालो के लिए ज्यादा रिटर्न्स वाले, अधिकतम सुरक्षित इन्वेस्ट की इच्छा रखने वालो के लिए अधिकतम सुरक्षित फंड्स से लेकर हर तरह के फंड्स मौजूद है.

आप किसी भी तरह के इन्वेस्ट की इच्छा रखते हो पर मुमकिन है की आपके लिए कोई न कोई mutual fund जरूर बना होगा और वो आपकी जरुरत के अनुसार बैठेगा.

  1. Convenience (सुविधा)
    आप बड़ी ही सरलता से Mutual Funds में इन्वेस्ट कर सकते है. उतनी ही सरलता से आप फंड्स से पैसे निकाल भी सकते है. इन्वेस्ट करने के लिए आपको एक फॉर्म भरना होगा जो की आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों जगहों या कहीं पर से भी भर सकते है.

इसके बाद आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों ही तरीको से फंड्स बेच या खरीद सकते है. Mutual Funds में काफी विकल्प होने के साथ साथ काफी ज्यादा सुविधाएं भी है.

Mutual Fund के प्रकार

म्यूच्यूअल फंड्स कई प्रकार के होते है. [Mutual Fund क्या है}इनको हम 2 श्रेणियों में बांट सकते है. पहला संरचना के आधार पर Mutual Funds के प्रकार और दूसरा asset के आधार पर Mutual Funds के प्रकार.

A) structure के आधार पर Mutual Funds के प्रकार

  1. Open ended mutual fund
    ओपन एंडेड फंड्स = इस योजना में इन्वेस्टर्स को किसी भी समय पर फण्ड को बेचने या खरीदने की अनुमति प्रदान की जाती है. इसमें फण्ड खरीदने या बेचने की कोई निश्चित तिथि या अवधी नहीं होती.

ये fund इन्वेस्टर्स को तरलता प्रदान करते है इसलिए इन्वेस्टर्स द्वारा काफी पसंद किये जाते है.

  1. Close ended Mutual फण्ड
    इस प्रकार की योजना में एक निर्धारित परिपक्वता अवधि होती है और इन्वेस्टर फण्ड केवल fund अवधि के दौरान खरीद सकते हैं. और इस तरह के फण्ड शेयर मार्किट में भी शामिल किये जाते है. इसके बाद इनको trading के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है.
  2. Interval फण्ड(अंतराल फण्ड)
    Mutual Funds का यह प्रकार open ended funds और close ended फण्ड दोनों के साथ मिलकर बना हुआ होता है. इसमें दोनों फंड्स की सुविधाएं प्रधान की जाती है.

यह इन्वेस्टर्स को पूर्व–निर्धारित अंतराल (Interval) पर फण्ड का कारोबार करने की अनुमति प्रदान करता है. तथा उस निर्धारित अवधि पर फण्ड की trading की जा सकती है.

ये तो बात हुयी संरचना के आधार पर Mutual फण्ड के प्रकार की, अब हम बात करेंगे की asset के आधार पर Mutual फण्ड कितने प्रकार ले होते है.

B) एसेट के आधार पर म्यूच्यूअल फंड्स के प्रकार

  1. Debt फण्ड
    डेब्ट फंड्स = इस तरह के फंड्स मैं इन्वेस्टर को जोखिम बहुत कम होता है. इन्वेस्टर डिबेंचर्स , सरकारी बॉन्ड और अन्य निश्चित आय में इन्वेस्ट करते हैं जो को सुरक्षित निवेश हैै.

Debt फंड्स निश्चित रिटर्न प्रदान करते है . अगर आप एक स्थिर आय चाहते है तो यह फण्ड आपके लिए है.इन्वेस्टर की कमाई यदि फंड्स से 10,000 से अधिक है तो इन्वेस्टर को कर भरना पड़ेगा.

  1. Liquid Mutual फण्ड
    लिक्विड फंड्स = यह भी निवेश करने के लिए एक सुरक्षित विकल्प है. लिक्विड फण्ड कम समय वाले ऋण उपकरणों में इन्वेस्ट करते है. इसलिए अगर आप कम समय के लिए इन्वेस्ट करना चाहते है तो liquid फण्ड आपकी पसंद हो सकते है.
  2. Equity फण्ड
    इक्विटी फंड्स = अगर आप दीर्घकालीन लाभ पाना चाहते है तो Equity फण्ड आपके लिए है. ये फंड्स शेयर market में इन्वेस्ट करते है. इस तरह के फंड्स में जोखिम भी शामिल होता है पर इनसे होने वाला मुनाफा औरों के मुक़ाबले अधिक होता है.
  3. Money Market फण्ड
    इस तरह के फण्ड Short term में इन्वेस्टर्स के लिए उचित रिटर्न प्रदान करते है. इसमें सुरक्षित जगहों पर इन्वेस्ट किया जाता है.
  4. Balanced Mutual फण्ड
    इस तरह के फंड स्कीम में equity फण्ड और Debt फंड का मिलाजुला फायदा मिलता है. इस प्रकार के म्यूच्यूअल फंड में जमा हुए फंड को इक्विटी और डैब्ट दोनों जगहों पर ही इन्वेस्ट किया जाता है.

इस प्रकार के फंड इन्वेस्टर्स को जहाँ एक ओर तो इनकम में स्थिरता देते हैं दूसरी ओर इनकम में वृद्धि को भी गति प्रदान करते है.

यह भी पढ़े :- Portfolio kya hai Portfolio के प्रकार,फ़ायदे,बदलाव

FAQ OF Mutual Fund

प्रश्न. क्या Mutual Fund में निवेश करना सुरक्षित है?
उत्तर: Mutual Fund बाज़ार से जुड़े इन्वेस्टर हैं और इस तरह वे कभी पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हो सकते हैं। हालांकि, जोखिम कम करने के लिए इन पर कई तरह के Rule लागू होते हैं और म्यूचुअल फण्ड में से पैसा कई क्षेत्रों में इन्वेस्ट किया जाता है, इस तरह stock या बॉन्ड के मुकाबले इनमें कम जोखिम होता है।

प्रश्न. आप Mutual Fund से पैसे कैसे कमाँ सकते है?
उत्तर: Mutual Fund के माध्यम से पैसा बनाने के दो प्रमुख तरीके हैं – समय-सीमा और ग्रोथ। समय-सीमा में, इन्वेस्टर एक निश्चित समय के लिए इन्वेस्ट करता है और समय के दौरान उसे स्कीम से लाभ प्राप्त होता रहता है। ये विकल्प उन इन्वेस्टर्स द्वारा चुना जाना जाता जो निवेश को भी बनाए रखना चाहते हैं और लाभ भी कमाना चाहते हैं। वहीं ग्रोथ में लाभ की गारंटी नहीं होती है, निवेश कुछ यूनिट या शेयर खरीदकर अपने पास रख लेता है, उन यूनिट का मूल्य समय के साथ बढ़ता या घटता रहता है जब निवेशक को लगता है कि ये सही समय है तभी वो उन यूनिट को बेचकर लाभ कमाता है। ध्यान दें, कि 2018 के बजट के बाद, टैक्स बचाने के लिए ग्रोथ विकल्प में निवेश करना ज़्यादा बेहतर है।

प्रश्न. Mutual Fund में इन्वेस्ट करने का सही समय क्या है?
उत्तर: विभिन्न अध्ययनों से पता चला है कि बाज़ार में इन्वेस्ट करने के लिए सही समय का इंतेज़ार करने के बजाए बाज़ार में निवेश करना ज़्यादा बेहतर है। बाज़ार सुधार की प्रतीक्षा न करें क्योंकि इस प्रतीक्षा की कोई निश्चित अवधि नहीं है। इसलिए इसे लेकर कोई भविष्यवाणी करना बहुत कठिन है। इसके बजाय, ये देखें कि आप कितना जोखिम ले सकते हैं, आपका लक्ष्य क्या है और बिना देरी किए निवेश करें।

प्रश्न. क्या आप किसी Mutual Fund में अपना सारा पैसा खो सकते हैं?
उत्तर: बाज़ार से जुड़े होने के कारण, Mutual Fund में जोखिम बना रहता है, इसलिए इन्वेस्ट की गई मूल राशि का नुकसान हो सकता है। हालांकि, म्यूचुअल फण्ड के प्रदर्शन को देखते हुए कहा जा सकता है कि आपके सभी पैसे खोने की संभावना कम है।

प्रश्न. ग्रोथ stock Mutual Fund कैसे काम करते हैं?
उत्तर: ग्रोथ stock म्यूचुअल फंड नाम का कुछ भी नहीं है, हालांकि Mutual Fund के मामले में ग्रोथ विकल्प है। ग्रोथ में फंड मूल्य में वृद्धि से से लाभ मिलते हैं। जब इन्वेस्टर अपनी Mutual Fund यूनिट बेचता है, तो लाभ का पता लगता है।

प्रश्न. Mutual Fund पर रिटर्न (लाभ) की औसत दर क्या है?
उत्तर: लम्बे समय में, इक्विटी स्कीम में औसतन लगभग 12%, डेट स्कीम में लगभग 8% और हाइब्रिड स्कीम में लगभग 10% का वार्षिक रिटर्न (लाभ) मिलता है। हालाँकि, ये बाज़ार से जुड़े निवेश हैं, म्यूचुअल फंड स्कीम का पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देता है।

प्रश्न. आप Mutual Fund रिटर्न की गणना कैसे करते हैं?
उत्तर: Mutual Fund स्कीम की विकास की गणना फ़ॉर्मूला (कुल लाभ / मूल इन्वेस्ट) x 100 से निकाली जाती है।

प्रश्न. NAV क्या है और एन.ए.वी की गणना कैसे की जाती है?
उत्तर: NAV (नेट वैल्यू असेट), Mutual Fund यूनिट का मूल्य होता है। NAV की गणना = (कुल फंड मूल्य – कुल फंड देनदारियां)/ स्कीम के बकाया यूनिट्स की कुल संख्या उपयोग कर की जाती है।

प्रश्न. किसी Mutual Fundकी औसत ब्याज दर क्या है?
उत्तर: Mutual Fund बाज़ार से जुड़े इन्वेस्ट हैं और गारंटीड रिटर्न नहीं देते हैं. इसलिए.रिटर्न की गारंटी नहीं है, लेकिन ये बाज़ार में वर्तमान में उपलब्ध विभिन्न निवेशों की तुलना में अधिक हैं।

प्रश्न. किसी Mutual Fund में इन्वेस्ट शुरू करने के लिए आपको कितना धन चाहिए?
उत्तर: आपके द्वारा इन्वेस्ट किए जाने वाले फंड के आधार पर न्यूनतम इन्वेस्ट राशि भिन्न हो सकती है। हालाँकि, आप न्यूनतम 500 रु. निवेश कर सकते हैं।

प्रश्न. क्या मैं Mutual Fund कभी भी बेच सकता हूं?
उत्तर: अधिकांश Mutual Fund ओपन एंडेड होते हैं, मतलब आप उन्हें कभी भी बेच सकते हैं। वैसे तो क्लोज एंड स्कीम की 3-4 वर्ष की लॉक-इन अवधि होती है। इस अवधि के बाद आप अपनी इच्छा के अनुसार उनकी अवधि नहीं बढ़ा सकते हैं। एक तीसरे तरीके की स्कीम है जिसमें, म्यूचुअल फन कुछ समय के लिए लॉक-इन हो जाते हैं, लेकिन इसके बाद ओपन एंडेड हो जाते हैं। उदाहरण के लिए, टैक्स सेविंग या ELSS. की लॉक-इन अवधि 3 वर्ष है। इस समयावधि के बाद, आप ये फंड किसी भी समय बेच सकते हैं.

प्रश्नः क्या Mutual Fund में इन्वेस्ट करना टैक्स-फ्री है?
उत्तर: नहीं, म्यूचुअल फंड शोर्ट टर्म कैपिटल गेन्स (STCG) और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) Rule के अधीन हैं। अलग-अलग Mutual Fund जैसें, इक्विटी और डेट पर कई तरह का टैक्स लगता है। Mutual Fund लाभांश के मामले में डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) लागू हो जाता है और फंड के अनुसार स्रोत पर टैक्स कटौती की जाती है।

प्रश्न. ओपन एंडेड या क्लोज़ एंडेड फंड्स क्या हैं?
उत्तर: ओपन एंडेड फंड वो फण्ड हैं जिनमें कभी भी इन्वेस्ट कर सकते हैं और उन्हें कभी भी बेच सकते हैं। क्लोज़ एंडेड फंड को केवल AMC से न्यू फण्ड ऑफर (NFO) के दौरान खरीदा जा सकता है।

प्रश्न. SIP और लम्पसम क्या है?
उत्तर: सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान या एस.आई.पी नियमित समय पर Mutual Fund में एक निश्चित राशि इन्वेस्ट करते हैं। उदाहरण के लिए, प्रत्येक महीने Mutual Fund में 10,000 रूपए इन्वेस्ट। SIP आपका इन्वेस्ट बढ़ाते हैं और आपको बाज़ार में अधिक मूल्य (खराब समय) में फसने से बचाते हैं। SIP इक्विटी फंड में ज़्यादा लाभदायक सभी होते हैं ना कि डेट फण्ड में।

लम्पसम इन्वेस्ट एक बार में किए जाने वाले इन्वेस्ट हैं। यदि आपको अपने इन्वेस्ट पर ज़्यादा ही विश्वास है, तो ही आपको लम्पसम इन्वेस्ट करना चाहिए। यदि फंड का NAV लगातार बढ़ता है, तो SIP के बजाय लम्पसम ज़्यादा लाभ देगा।

प्रश्नः Direct या रेगुलर प्लान क्या है?
उत्तर: रेगुलर प्लान में डिस्ट्रीब्यूटर commission शामिल हैं। ये commission फंड मूल्य के 0.5% से 1% तक है। दूसरे शब्दों में, आपके इन्वेस्ट का 0.5% से 1% इन योजनाओं के लिए डिस्ट्रीब्यूटर को हर वर्ष भुगतान किया जाता है। डायरेक्ट योजनाओं में डिस्ट्रीब्यूटर commission शामिल नहीं हैं।

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